अधूरी मन्नतें परिवार की तरक्की में रुकावटें खड़ी करती हैं, जानिए कैसे

 


हमारे सनातन ज्योतिष में जीवन की हर समस्या का समाधान बहुत ही सरल और व्यावहारिक उपायों में छिपा है। कई बार हम बहुत मेहनत करते हैं, लेकिन फिर भी सफलता हाथ नहीं लगती। इसका कारण हमारी कुंडली के कुछ खास योग या पूर्वजों से जुड़ी कोई अधूरी मन्नत हो सकती है।

आइए इन सभी बातों और उनके आसान उपायों को बहुत ही सरल भाषा में समझते हैं, ताकि आप अपनी तरक्की की बाधाओं को खुद दूर कर सकें।

अधूरी मन्नत को पूरा करने और क्षमा मांगने का उपाय

कई बार हमारे माता-पिता या दादा-दादी परिवार की खुशहाली के लिए किसी देवी-देवता से कोई मन्नत मांगते हैं, लेकिन समय के साथ उसे पूरा करना भूल जाते हैं। ज्योतिष के अनुसार ऐसी अधूरी मन्नतें भी परिवार के बच्चों की तरक्की में रुकावटें खड़ी करती हैं।

  • उपाय की सामग्री: इसके लिए आपको पांच से सात अलग-अलग तरह के अनाज मिलाने होंगे, जैसे गेहूं, चावल, मूंग, बाजरा और चना आदि।

  • करने का तरीका: इस मिले हुए अनाज को लेकर अपने कुलदेवी या कुलदेवता के मंदिर जाएं और वहां इसे श्रद्धापूर्वक अर्पित कर दें।

  • प्रार्थना: मंदिर में हाथ जोड़कर अपने पूर्वजों की तरफ से या खुद से हुई किसी भी भूल के लिए दिल से माफी मांगें। ईश्वर से कहें कि हे देव, हमारी इस छोटी सी भेंट को स्वीकार करें और हमारे परिवार के रास्ते की सभी अड़चनों को दूर करें।

  • सबसे उत्तम समय: इस उपाय को मंगलवार या रविवार के दिन शाम को पांच बजे से सात बजे के बीच करना सबसे ज्यादा फायदेमंद और असरदार माना जाता है।

धन लाभ और सुख समृद्धि बढ़ाने का शनिवार का टोटका

अगर आप लगातार पैसों की तंगी से जूझ रहे हैं, कमाया हुआ पैसा टिकता नहीं है या कर्ज बढ़ता जा रहा है, तो हनुमान जी का यह उपाय आपके लिए बहुत मददगार साबित होगा।

  • उपाय की सामग्री: इसके लिए आपको एक जटा वाला नारियल, यानी पानी वाला सूखा नारियल लेना होगा।

  • करने का समय: यह उपाय शनिवार के दिन दोपहर में बारह बजे के बाद ही करना चाहिए।

  • कहाँ करें: इस नारियल को लेकर हनुमान जी के मंदिर जाएं और उनके चरणों में अर्पित कर दें। हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। यह उपाय कुंडली में मंगल और शनि ग्रह के कारण आ रही पैसों की तंगी और रुकावटों को तुरंत शांत करता है।

कुंडली का सातवां घर और काम में आने वाली रुकावटें

ज्यादातर लोग मानते हैं कि कुंडली का सातवां घर सिर्फ शादी और जीवनसाथी का होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। ज्योतिष में सातवां घर हमारे रोज के रोजगार, बाहरी दुनिया से मिलने वाले सहयोग और जीवन में आने वाली हर तरह की बाधाओं को भी दिखाता है।

अगर आपके बनते हुए काम ऐन वक्त पर बिगड़ जाते हैं या व्यापार में लगातार घाटा हो रहा है, तो इसका सीधा मतलब है कि आपकी कुंडली का सातवां घर किसी क्रूर ग्रह के प्रभाव में है। इसके लिए सातवें घर के स्वामी का उपाय करना बहुत जरूरी हो जाता है ताकि सांसारिक अड़चनें खत्म हो सकें।

विदेश यात्रा और जन्मस्थान से दूर ले जाने वाला योग

अगर आप विदेश जाना चाहते हैं या अपने काम के सिलसिले में घर से दूर बसना चाहते हैं, तो अपनी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति को देखें।

  • चौथे घर का चंद्रमा: कुंडली का चौथा घर हमारा घर और जन्मस्थान होता है। जब मन का कारक चंद्रमा इस चौथे घर में बैठता है, तो व्यक्ति को अपने जन्मस्थान पर ज्यादा समय टिकने नहीं देता।

  • क्या होता है असर: ऐसा व्यक्ति पढ़ाई या नौकरी के सिलसिले में बहुत कम उम्र में ही अपना घर छोड़ देता है। उसके जीवन में कम से कम एक बार विदेश यात्रा करने या अपने जन्मस्थान से बहुत दूर किसी दूसरे शहर या देश में जाकर स्थायी रूप से बसने का बहुत मजबूत योग बनता है।

एक से ज्यादा मकान और जमीन का सुख देने वाला योग

हर इंसान का सपना होता है कि उसका अपना घर हो। लेकिन कुछ लोग इतने भाग्यशाली होते हैं कि उनके पास एक से ज्यादा मकान, दुकान या जमीन होती है। कुंडली में इसका एक बहुत ही सुंदर योग बनता है।

  • योग की पहचान: जब आपकी कुंडली के पहले घर का स्वामी यानी लग्न का मालिक और चौथे घर का स्वामी एक साथ बैठे हों, या फिर वे एक-दूसरे को सीधे देख रहे हों, तो यह एक महाभाग्यशाली योग बनता है।

  • क्या मिलता है फल: चौथे घर का संबंध भूमि और भवन से होता है। जब लग्न और चौथे घर के स्वामियों का यह संबंध बनता है, तो जातक को अपनी मेहनत से जीवन में एक से ज्यादा संपत्तियां खरीदने का सुख मिलता है और उसे कभी भी मकान-वाहन की कमी नहीं होती।

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